बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का दूसरा चरण पूरा हुआ
बिहार चुनाव 2025 का दूसरा और अंतिम चरण मंगलवार को संपन्न हो गया। इस चरण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों के लिए लगभग 3.7 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। चुनाव आयोग के अनुसार, इस चरण में लगभग 68.79 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पहले चरण से अधिक है और बिहार के इतिहास में अब तक का सबसे ऊँचा मतदान प्रतिशत है।
पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 61.56% जबकि महिलाओं का 69.04% रहा, जो महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। आयोग ने इस मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बताया है।
एक्जिट पोल से NDA की मजबूत बढ़त
मतदान समाप्त होने के बाद जारी हुए विभिन्न एक्जिट पोल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को स्पष्ट बहुमत की संभावना जताई गई है। एग्जिट पोल के अनुसार, NDA को 140 से 150 सीटें मिल सकती हैं जबकि महागठबंधन को 50 से 95 सीटों तक सीमित रहने का अनुमान है।
एग्जिट पोल सीट अनुमान (2025)
| राजनीतिक दल | सीटों का अनुमान | प्रमुख सहयोगी |
|---|---|---|
| NDA | 140 – 150 | भाजपा, जेडीयू |
| महागठबंधन | 50 – 95 | राजद, कांग्रेस, वाम दल |
| जन सुराज पार्टी | 0 – 5 | — |
| अन्य | 5 – 10 | स्वतंत्र एवं क्षेत्रीय दल |
यह रुझान दर्शाता है कि NDA में जेडीयू और भाजपा का संयुक्त प्रदर्शन महागठबंधन से काफी आगे है।
NDA बनाम महागठबंधन: मुख्य मुकाबला
इस बार बिहार की राजनीतिक लड़ाई पूरी तरह NDA बनाम महागठबंधन पर केंद्रित रही। NDA में भाजपा और जेडीयू की साझेदारी ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जबकि महागठबंधन में राजद, कांग्रेस और अन्य दल शामिल हैं।
एग्जिट पोल के अनुसार, नीतीश कुमार की जेडीयू इस चुनाव में प्रमुख पार्टी के रूप में उभर सकती है। वहीं, राजद का प्रदर्शन इस बार पिछली बार की तुलना में कमजोर बताया जा रहा है।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का प्रदर्शन
जन सुराज पार्टी, जो प्रशांत किशोर द्वारा स्थापित की गई है, इस चुनाव में पहली बार उतरी है। एग्जिट पोल में पार्टी को 0 से 5 सीटों तक की संभावना दिखाई गई है। हालांकि, कई सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों ने कड़ा मुकाबला किया।
प्रशांत किशोर ने भाजपा और NDA पर लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप लगाए हैं, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी को अभी जमीनी स्तर पर और मेहनत करनी होगी।
मतदान की विशेषताएं और शांतिपूर्ण प्रक्रिया
इस बार बिहार चुनाव 2025 में चुनाव आयोग की सख्त निगरानी के कारण मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। कुल 1302 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें 1135 पुरुष और 136 महिलाएं शामिल थीं। आयोग ने कहा कि रिकॉर्ड मतदान से लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत हुई हैं।
आगामी नतीजे और राजनीतिक प्रभाव
14 नवंबर 2025 को आने वाले चुनाव परिणाम से बिहार की राजनीतिक दिशा तय होगी। यह नतीजे न केवल राज्य की सत्ता का भविष्य तय करेंगे बल्कि केंद्र की राजनीति पर भी प्रभाव डालेंगे।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर NDA को स्पष्ट बहुमत मिलता है, तो यह नीतीश कुमार के लिए एक ऐतिहासिक वापसी साबित होगी। वहीं महागठबंधन के लिए यह एक बड़ी चुनौती होगी कि वे जनता के भरोसे को फिर से जीत सकें।
निष्कर्ष: बिहार की जनता ने किया लोकतंत्र को सलाम
इस बार के बिहार चुनाव 2025 ने दिखाया कि राज्य के मतदाता अब विकास और स्थिरता को प्राथमिकता दे रहे हैं। रिकॉर्ड मतदान और लोकतांत्रिक जोश इस बात का प्रमाण हैं कि बिहार का राजनीतिक परिदृश्य धीरे-धीरे परिपक्व हो रहा है।
अब सबकी निगाहें 14 नवंबर के रिज़ल्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि बिहार की गद्दी पर कौन बैठेगा।






