ग्रीन भारत मिशन 2025 भारत सरकार की एक दूरदर्शी पहल है जो जलवायु परिवर्तन से निपटने, वनों की सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए शुरू की गई थी। यह मिशन भारत की राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (NAPCC) का हिस्सा है और देश में बढ़ते प्रदूषण, भूमि क्षरण, और जैव विविधता ह्रास से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस पहल का उद्देश्य केवल पेड़ लगाना नहीं बल्कि संपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र का पुनर्स्थापन करना है।
ग्रीन भारत मिशन क्या है?
ग्रीन भारत मिशन वर्ष 2014 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा प्रारंभ किया गया था। इसका लक्ष्य भारत में वन क्षेत्र को बढ़ाना, वन गुणवत्ता सुधारना, और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना है। यह मिशन भारत के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों की आजीविका से भी जुड़ा है, क्योंकि वन संसाधन सीधे तौर पर उनकी जीवनशैली को प्रभावित करते हैं।
ग्रीन भारत मिशन 2025 के प्रमुख लक्ष्य
- देश में वन और वृक्ष आवरण को 5 मिलियन हेक्टेयर तक बढ़ाना।
- 5 मिलियन हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि की गुणवत्ता में सुधार करना।
- 3 मिलियन परिवारों की वन-आधारित आय को सशक्त बनाना।
- जलवायु संतुलन हेतु कार्बन संग्रहण और जैव विविधता संरक्षण बढ़ाना।
- स्थानीय समुदायों की भागीदारी से हरित रोजगार के अवसर सृजित करना।
ग्रीन भारत मिशन क्यों आवश्यक है?
भारत जैसे विशाल और विविध जलवायु वाले देश में ग्रीन भारत मिशन 2025 की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि यहां पर्यावरणीय असंतुलन बढ़ता जा रहा है। लगातार हो रहा शहरीकरण, औद्योगिक विस्तार और वनों की कटाई देश के पारिस्थितिक तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। मिशन का उद्देश्य इन चुनौतियों से निपटना और भारत को एक अधिक सतत और हरित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाना है।
प्रमुख कार्य और रणनीतियां
- वन संरक्षण के साथ वैज्ञानिक पौधारोपण और पारंपरिक ज्ञान का समन्वय।
- स्थानीय समुदायों और वन समितियों की सक्रिय भागीदारी।
- जल संरक्षण, भूमि सुधार और जैव विविधता सुरक्षा को प्राथमिकता।
- हिमालयी, शुष्क, तटीय और अर्वाल्ली क्षेत्रों में विशेष हरित कार्यक्रम।
- CAMPA, कृषि वानिकी और शहरी हरियाली योजनाओं का एकीकरण।
संबंधित पहलें और कार्यक्रम
- कृषि वानिकी और ग्रामीण वृक्षारोपण का विस्तार।
- शहरी क्षेत्रों में हरित पट्टियों का विकास।
- खनन और बंजर भूमि का पुनर्जीवन।
- वेटलैंड्स और रेगिस्तानी क्षेत्रों का पुनर्स्थापन।
ग्रीन भारत मिशन 2025 की उपलब्धियां
2015 से 2021 के बीच मिशन के तहत लगभग 11.22 मिलियन हेक्टेयर भूमि पर पौधारोपण किया गया है। इससे लाखों परिवारों की आजीविका में सुधार हुआ और भारत की जैव विविधता को सशक्त बनाया गया। 2030 तक, मिशन का लक्ष्य 24.7 मिलियन हेक्टेयर भूमि को हरित बनाना और 2.5–3 बिलियन टन अतिरिक्त CO₂ के लिए कार्बन सिंक विकसित करना है।
चुनौतियां और आगे की राह
हालांकि ग्रीन भारत मिशन ने उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन फंडिंग की कमी, वन निगरानी की सीमाएं और तेजी से बढ़ते शहरीकरण जैसी चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं। भविष्य में स्थानीय समुदायों की अधिक सहभागिता, डिजिटल मॉनिटरिंग और युवा वर्ग की भागीदारी इस मिशन की सफलता की कुंजी होगी।
निष्कर्ष: हर भारतीय की जिम्मेदारी
ग्रीन भारत मिशन 2025 केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि यह हर नागरिक की भागीदारी का आंदोलन है। स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम सभाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही भारत को सच्चे अर्थों में हरित बनाया जा सकता है। यदि हम सब मिलकर इस पहल में योगदान दें, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरित और संतुलित भारत संभव होगा।
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